Wednesday, 20 February 2013

Act 144 against rights of Koldam affective Villagers

NTPC Koldam म में अपने हकों के लिए संघर्षरत परियोजना के विस्थापितों व प्रभावितों के प्रदर्शन को तोडऩे के लिए क्षेत्र में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बिलासपुर डॉ. अजय शर्मा ने धारा 144 लागू कर दी है। धारा 144 लगाने के जिला प्रशासन के फैसले से क्षेत्र के लोग भड़क गए हैं। इसके विरोध में प्रभावितों व विस्थापितों ने जिला मुख्यालय में डीसी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और क्षेत्र से धारा 144 हटाने की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के संयोजक एडवोकेट बाबूराम ठाकुर, प्रेमलाल, अनिल, विक्रम, अनिल दिलजले, रतनी देवी व सरोजलता ने कहा कि प्रशासन ने एनटीपीसी के दबाव में आकर यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को 29 जनवरी को मांग पत्र सौंपा गया था, इसमें 15 दिन के भीतर मांगों को पूरा करने की मांग की गई थी तथा मांगें न माने जाने की सूरत में 14 फरवरी से प्रदर्शन करने चेतावनी दी गई थी। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने उनकी मांगों को सुलझाने की अपेक्षा धारा 144 लगाकर उनके हितों से कुठाराघात किया है।

 लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का हक है और गांधीगिरी करना कोई जुर्म नहीं है। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तोडऩे के लिए यह षडयंत्र रचा है। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में क्षेत्र से धारा 144 हटाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने धारा 144 नहीं हटाई तो प्रभावित व विस्थापित अपने हक-हकूकों के लिए डीसी कार्यालय के बाहर रोज प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। 

यहां जारी आदेश में अजय शर्मा ने कहा है कि थाना बरमाणा के सलापड़ पुल से लेकर सीआईएसएफ गेट तथा सीआईएसएफ गेट से Jamthal, एनटीपीसी कॉलोनी और बराही तक 19 फरवरी से दो महीने के लिए धारा 144 लागू रहेगी। इस धारा के तहत चार से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाई गई है।
Source